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Nonstop [email protected] आज की बड़ी खबरें
दिल्ली में आज रात दस बजे से weekend कर्फ्यू एक दिन में फिर सामने आए record उन्नीस हज़ार से ज़्यादा case UP में अभी हालात बेकाबू महाराष्ट्र में लॉकडाउन के बाद भी नहीं सुधरे हालात चौबीस घंटे में सामने आए तिरसठ हज़ार से ज़्यादा नए केस तीन सौ अट्ठानवे लोगों की मौत बंगाल में पाँचवे चरण में पैंतालीस सीटों पर मतदान कल कोरोना को लेकर चुनाव आयोग ने जारी की नई guideline शाम सात बजे के बाद प्रचार पर रोक Baghoda Nirav Modi को जल्द लाया जाएगा भारत Britain के गृह मंत्रालय से प्रत्यर्पण को मिली मंज़ूरी headlines presented by Patanjali Keshakanthi Balukachanna Safe associate sponsor Sincox Kin Kath Patanjali biscuit hi arts ರಹೆಂ number one server old stabilizer Rakhisab control me Jindal Pan thirty MTV Bars Desh Kishan Kissan Belhai Art Vishwas Memobi SMS carphier relieve hair oil have no compromises use relief hair oil task Bharatina Kiood ಹಾಗು Bori wash Kisa नमस्कार अंतिम संस्कार Delhi मेरा दसबाजी से weekend curfew दिल्ली के LNJP अस्पताल की ये तस्वीर सरहन पैदा कर रही है एक ही bed पर दो दो मरीज़ का इलाज चल रहा है महामारी के खौफनाक रूप के सामने health system चरमरा गया है हालांकि दिल्ली सरकार का दावा है कि अभी राजधानी में bed की कोई कमी नहीं है लेकिन LNJP से आयी इस तस्वीर ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है last year also we have not seen such a bad situation this time the number is very high and increasing very rapidly going very ah fast speed अब Madhya Pradesh की मैंने गैरकानूनी board में भी diamond किया है coverage करी है इतनी भयानकता कहते है तस्वीरें झूठ नहीं बोलते लेकिन अपनी सरकार को फजीहत से बचाने के लिए Madhya Pradesh के चिकित्सा शिक्षा मंत्री Vishvas Sarang इस तस्वीर को ही झुठलाने पर आमादा है अब भी दावा कर रहे है कि अंतिम संस्कार protocol के तहत हो रहा है हमने पहले भी स्पष्ट किया जो अंत्येष्टि अंतिम संस्कार रखा है उन दोनों भी तरह के मृत्यु के व्यक्तियों का होता है चाहे वो कोरोना पॉजिटिव हो या संदिग्ध हो. इसलिए ये अंतर हमें देखने को मिलता है. सही मायने में हमारे सरकार की ना मंशा है, ना निर्देश है कि हम किसी भी तरह आंकड़े को छुपाएं. कोरोना की दूसरी लहर ने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोप के हालात को भयावह बताया है. हालांकि दूसरी लहर से लड़ने में भारत के संसाधन भी बौने साबित हो रहे हैं. दिल्ली से पल्लेवी झा के साथ विपिन श्रीवास्तव, भोपाल, न्यूज़ ट्वेंटी फोर. Maharashtra में break the chain नाम की mini लॉकडाउन से सड़कों पर भीड़भाड़ कम हो गयी है लोग सिर्फ ज़रूरी कामों के लिए बाहर निकल रहे है police ने लापरवाही करने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है हालांकि यहाँ भी कोरोना का इलाज मुश्किल हो रहा है कहीं बैठ की कमी है तो कहीं दवा की कालाबाज़ारी हो रही है गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को Mumbai की सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही कम ज़रूर हुई लेकिन सड़कों पर सन्नाटा जैसा कुछ नहीं था दुकानों के shutter बंद थे लेकिन सड़कों पर गाड़ियाँ सरपट दौड़ रही थी ऐसे में police ने भी मोर्चा संभाल लिया ये जानने के लिए कि किसका घर से निकलना ज़रूरी था और कौन नियम तोड़ रहा है Mumbai और महाराज में लॉकडाउन का आज दूसरा दिन है सड़कों पर भीड़ अभी भी देखी जा रही है लोग अपने अपने घरों से निकल रहे हैं हालांकि सरकार की तरफ से ये कहा गया था कि अगर बहुत ही जरूरी काम हो तभी अपने घरों से बाहर निकले Mumbai की भले ही गाड़ियाँ दिख रही हो लेकिन रोज़ी रोटी का सवाल बड़ा हो गया है जो auto वाले पहले हज़ार डेढ़ हज़ार आराम से कमा लेते थे उन्हें पाँच सौ कमाना भी मुश्किल हो रहा है कल तो ठीक था थोड़ा सा मतलब हो गया आज तो एकदम सुबह से ऐसे ही घूम रहे है खाली खाली bus कुछ आदमी नहीं है public ही नहीं है तो कहाँ मिलेंगे अभी किसी की एक आए है बोल रहे है sharing पे चलो meter का भाड़ा तेरी card मारेंगे पहले ah शाम तलाक हज़ार बारह सौ तेरह सौ रुपए का था आठ सौ नौ सौ एक हज़ार बच जाता था अब तो पाँच सौ का दो सौ का धंदा तीन सौ का धंधा करने में शाम हो जा रहा है auto में सवार शख्स भी लॉकडाउन से परेशान है कोरोना से डरे है लेकिन पेट ने इन्हें घर से निकलने को मजबूर कर दिया है बहुत दिक्कत हो रही है और पब्लिक जो पहली परेशानी नहीं थी वो अब ज्यादा परेशानी बढ़ गयी है क्योंकि कुछ दिनों के लिए पिछले कुछ दिनों के लिए अच्छा हुआ था आने जाना लेकिन फिर दोबारा परेशानी आ गई है. पब्लिक बेवजह तो नहीं निकलेगी अपने काम से ही निकलेगी किसको अच्छा लगता है कि बेवजह निकलना है. पब्लिक जो है ना डर के मारे बाहर नहीं निकल रही. शॉपिंग मॉल में नहीं जा रही, किसी दुकान पर नहीं जा रही पब्लिक. ये डर की वजह है जो कि पब्लिक नहीं जा रही. Mumbai Police सभी वाहनों को रोक रही है ज़रूरी दस्तावेज़ मांग रही है mini लॉकडाउन में अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही है प्रशासन हर स्तर पर कोशिश ज़रूर कर रहा है लोगों को भी ध्यान देने की ज़रूरत है ज़रूरत हो तभी अपने घरों से बाहर निकले अन्यथा ना निकले Maharashtra के Nagpur में भी police action mode में आ गयी है चौक चौराहों पर police की team लोगों को कानून कायदे बता रही है लापरवाही करने वालों को फटकार लगा रही है क्योंकि गाड़ियों में लोग सामान की तरह लदे bike पर भी चार चार लोग सफर कर रहे है हम action शुरू किया है और जितने भी प्रमुख चौक रास्ते हैं वहाँ पे ah ज्यादा प्रमाण में police अधिकारी कर्मचारी लगाकर किसी भी जो बिना कारण रस्ते पे निकल रहे हैं उनके विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है Nagpur Police की नज़र ना सिर्फ सड़क पर है बल्कि उस गोरखधंधे पर भी है जो ज़िंदगी का सौदा कर रहे हैं जीवनदायिनी दवाओं की कालाबाज़ारी कर रहे हैं police ने छापा मारकर ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है एक doctor और तीन दवा विक्रताओं को गिरफ्तार किया है इनके कब्ज़े से पंद्रह remedy civil injection भी बरामद हुए हैं MD के black marketing के बारे में तकरार प्राप्त हुई थी गोपनीय mighty के आधार पे raid की गयी थी एक doctor और तीन brothers ah को arrest किए गए है पंद्रह ram deciver ah wiles जब्त किए गए है Nagpur में लोग remedy शिविर दवा की किल्लत से परेशान है तो Mumbai के अस्पतालों में bed का टोटा है कोरोना मरीजों को लेकर परिजन अस्पतालों के चक्कर काट रहे है हर जगह निराशा ही हाथ लग रही है लोगों का आक्रोश अस्पताल प्रबंधन पर फूट रहा है लेकिन doctor भी क्या करें सरकार ने माकूल इंतज़ाम किया ही नहीं लिहाज़ा Mumbai के resident doctors ने हड़ताल की धमकी दे दी है Nagpur से Narendra Puri के साथ Deepak Dubey Mumbai News Twenty-Four Mumbai में रह रहे प्रवासी मज़दूरों के सामने एक बार फिर पिछले साल वाली चुनौती खड़ी हो गयी काम धंदा बंद होने से प्रवासी मज़दूर अपने गाँव लौटने की कोशिश कर रहे है station पर भीड़ बढ़ गयी है लेकिन हर किसी को ticket नसीब नहीं हो रहा है कोरोना ना सिर्फ इंसानों की जिंदगी छीन रहा है बल्कि उसकी रोजी रोटी भी छीन रहा है. मुंबई के बांद्रा टर्मिनर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की ये भीड़ इसी की तस्दीक कर रही है. रोज़ी रोज़गार के लिए मुंबई को ठिकाना बनाने वाले लोगों को अब इस शहर से डर लगने लगा है. बोरिया बिस्तर के साथ सारे लोग अपने गाँव के लिए निकल पड़े हैं. बीवी बच्चों के साथ लोग ट्रेन की तरफ दौड़ लगा रहे हैं. मुंबई में आंशिक लॉकडाउन का आज दूसरा दिन है. लोग अलग-अलग शहरों और राज्यों के लिए अपनी घर की तरफ रुख कर रहे हैं. ऐसे में इस वक्त हम खड़े हैं मुंबई के बैंदा टेननेस पर. और यहाँ पर भी रेलवे प्रशासन के हर हर सभी का ticket check किया जा रहा है जिनका ticket confirm है उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है station पर RPF और Mumbai Police का पहरा है हर किसी का ticket check हो रहा है platform तक सिर्फ वो ही पहुँच पा रहे है जिनका ticket confirm है जिनकी waiting ticket है उन्हें बैरंग वापस लौटाया जा रहा है ticket confirm ticket वाला को भेज रहे है और AC वालों के भेज रहे है और बिना waiting list वाला का नहीं भेजे station ticket counter पर भी लंबी लंबी कतारें लगी है railway ने कुछ special trends भी बढ़ाई है लेकिन हर किसी को अब भी अपनी मंज़िल तक का ticket नहीं मिल रहा ticket counter पे भी की भीड़ यहाँ पर नजर आ रही है लोग यहाँ पर ticket निकालने की कोशिश कर रहे है चाहे वो तत्काल हो या फिर ah वैसे ही ticket इन्हें confirm मिल जाए क्योंकि कई सारी special ट्रेनें भी लगातार चालू हो रही है लेकिन लोगों की जो संख्या है वो लगातार बढ़ती जा रही है लंबी दूरी की ट्रेनों में लोग जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा घरों से निकल रहे है Mumbai के Lokmanya Tilak Terminal पर Bihar और UP जाने वाले प्रवासी मज़दूरों का बसेरा है ज़्यादातर के पास ticket नहीं है लेकिन वो हर हाल में घर जाना चाहते है क्योंकि रोज़ी रोटी छीन चुकी जेब खाली हो चुकी है अगर हम लोग अभी इधर रुकेंगे अगर काम मतलब अगले महीने वो काम वाला बोला है जिसका घर था बोला है दो तीन तारीख तो मई में चालू होएगा अगर फिर लॉकडाउन लग जाए तो हम लोग क्या करेंगे? किधर से बैठ के खाएंगे? रूम का भाड़ा देना पड़ता है, खुराकी देना पड़ता है. स्टेशन के बाहर डेरा डाले ज्यादातर लोग ऐसे हैं जिनके पास मुंबई में चार दिन का खर्चा नहीं है. चाहे बढ़ाई हो या फिर दर्जी. सबकी हालत एक जैसी है. काम बंद हो गया कारखाना बंद हो गया घर में रह के क्या करेंगी? अभी हम लोग कल बांद्रा में गए थे. तो वहाँ पे हम लोग का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ. वहाँ से भगा दिए थे मिनी लॉकडाउन में मुंबई के होटल भी बंद हो चुके हैं ऐसे में वहाँ काम करने वाले स्टाफ भी बेरोजगार हो गए हैं. कल तक जिस मायानगरी को वो खाना खिलाते थे अब उसी शहर में इनके लिए रोटी के नाले पड़ गए. इधर होटल पे काम करता था बंद हो गया. अभी बंद हो गया तो इधर चालू नहीं है तो इधर भूखंड मरेंगे. टिकट नहीं मिल रहा है. वही तो दिक्कत है. टिकट की आस में स्टेशन पर डेरा डाले बिहार और यूपी के प्रवासी मजदूर लॉकडाउन से गुस्से में है. क्योंकि इसके कारण इनके सामने आ गया है मुसीबतों का नया पहाड़. इधर काम-धंधा बंद कर दिया, खाना मिल ही नहीं रहा. कैसे इधर बैठ के खाएगा? क्या खाएगा? कुछ नहीं. एक छोटा सा break ले रहे है देखते रहिए News Twenty-Four nonstop at nine presented by Sensodyne दाँतों की छनछिनाहट से clinically प्रमाणित आराम associate sponsor हर purifier Aqua guard नहीं होता Asian Paints Tractors Park Economy Emersion Budget में लगे Siyarams come home to मन धन ठंडा तन ताज़ा रहे Symphony air coolers UltraTech Cement इसके Ultratech Binding particles ईंटों से सरिए तक जोड़कर घर को दे बेचोड़ मज़बूत नींव बिछाई दिवार चढ़ाई छत नहीं डाला डेरा फर्क घर बन गया मेरा बड़े इरादों में जान डाल दी Ultratech India's number one cement show का नाम BFF with the star है manager साहब please camera shine phone दो mean By the way, guaranteed prices. the body shape. this is I have no more excuses. 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Posted 22 days ago in Social Issues