Delhi में कोरोना आघात...राजधानी में बेकाबू हालात

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Delhi में कोरोना आघात...राजधानी में बेकाबू हालात
नमस्कार प्राइम टाइम एक्सक्लूसिव में आपका स्वागत है आपके साथ मैं हूँ रवि ठाकुर प्राइम टाइम एक्सक्लूसिव की शुरुआत आज दर्द ए दिल्ली से जी हाँ कोरोना की मार से कराह रही है दिल्ली कोरोना ने दिल्ली के मेडिकल सिस्टम की कमर तोड़ दी है आपको दिखाते है न्यूज़ ट्वेंटी फोर के कैमरे में कैद हुई दिल्ली के हालातों के कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें जो आपको भी सावधान होने पर मजबूर कर देंगी कोविड के नाम पे यहाँ पे कोई सिविल डिफेंस या कोई भी कर्मचारी नहीं है. जिससे कि सोशल डिस्टेंसिंग और पालन करें लोग. कोरोना की आमद से डरी दिल्ली. राजधानी पर संपूर्ण लॉकडाउन का संकट. Be a hazard Salazar. I'm soo. कोरोना के कहर का पिछले पांच दिन का आंकड़ा है और ये आंकड़े बता रहे हैं कि हर बीतते दिन के साथ दिल्ली का हाल बेहाल हो रहा है news twenty four kidney, arrest பத்தாலுக்கால, news twenty four தில்லிக்கி லோகோ குப்பரி சங்கர் test cannow but torture, தில்லி மீஸ் பத்தாலோ centers கவி, all behale, best centers for low give hi, liking nothoversities, ornahishaas and presasion couple perform. டெல்லிக்கு பாலம் me एक ऐसे ही कोविड टेस्ट सेंटर का जायजा लिया. न्यूज़ ट्वेंटी फोर संवाददाता पल्लवी झा ने जहाँ के हालात आपको भी डरने पर मजबूर कर देंगे. इस वक़्त मैं अ दिल्ली के जो है पालम इलाके की तरफ हूँ और यहाँ पर कोविड नाइनटीन टेस्टिंग सेंटर है जहाँ पर आप देख रहे हैं कि भीड़ है काफी ज्यादा और जाहिर तौर पे भीड़ होने की वजह से हमें सोशल डिस्टेंसिंग भी नहीं दिख रहा है. टेस्ट हो रही है या नहीं हो रही है ये बात का टेस्ट नहीं हो रहा टेस्ट नहीं हो रहा और ऐसा भी میں میں صبح سے آٹھ بجے سے ہی آٹھ لیس نہیں ہوا ٹیسٹ نہیں ہوا تھا. آپ بیڈ کر رہے ہو? ہاں جی کب سے ویٹ کر رہے ہو? صبح سات بجے سے? نہیں ٹیسٹ ہوا? نہیں ہوا. کیا کہہ رہے ہیں? میرا کوئی نمبر آ رہا ہے نمبر آپ دیکھو آہ ایک گھنٹے سے روک رکھا ہے ایک سو پانچ نمبر. دہلی میں دواؤں کی قلت روزانہ سترہ ہزار نئے کرونا معاملے سے دوچار ہو رہی دہلی کے لیے ہسپتالوں میں بیڈ اور اپنوں کے لیے دوا ایک بہت بڑا سوال بن گیا ہے. दिल्ली के अस्पतालों में बिस्तर की किल्लत और मरीजों की मुसीबत का दर्द हमने आपको दिखाया था लेकिन दिल्ली में दवा भी मरीजों के लिए मुसीबत बन चुकी है इस वक्त मेरे साथ कैलाश गुप्ता जी हैं जो कि केमिस्ट एसोसिएशन के हेड हैं आइए सीधे उनसे बात करते हैं सर जो स्थिति दिखाई पड़ रही है वो बहुत भयावह है दवाइयाँ जो एंटी वायरल दवाइयां हैं वो तक अब लोगों को बहुत आसानी से नहीं मिल पा रही हैं. देखिए क्योंकि ये कोरोना की जो सेकंड स्टेज है वो एकदम आई है जो अवेलेबिलिटी ऑफ बेडिस लास्ट टाइम पे थी उनकी जब कोरोना हुआ तो उनकी सेल खत्म हो गयी और वो दवाइयाँ एक्सपायर होनी शुरू हो गई. अब जब सेकंड स्टेज आई है तो हॉस्पिटल्स और डॉक्टर्स उन्हीं मेडिसिन्स को रिपीट कर रहे हैं. अच्छा अभी क्या है कि उनका प्रोडक्शन या तो बंद था या प्रोडक्शन कम था और डिमांड एकदम ज्यादा बढ़ गई है और उसके पीछे सबसे बड़ा रीजन ये है कि अवेलिबिलिटी ऑफ़ मेडिसिन्स प्रोडक्शन ऑफ़ मेडिसिनस दवा की मैन्युफैक्चरिंग कम है अभी सप्लाई कम لیے انجکشن ڈاکٹر لکھ دیتا ہے. ہمم. جب ڈاکٹر انجکشن لکھ دیتا ہے اور وہ وہاں کی فارمیسی میں ایز پر دی لاء تو وہاں اویلیبل ہونا چاہیے. لیکن وہ اس کے اٹینڈنٹ کو پرچی دے دیتا ہے کہ صاحب جائیے چھ انجکشن لے کے آئیے. ہمم. اور وہ بازار کے اندر ریٹیل کیمیش شاپ کے اندر وہ اویلیبل نہیں ہوتا ہمم. کیونکہ نیتی آئے انہیں بھی یہ انسٹرکشن دے دی ہے کہ یہ ڈائریکٹ ہاسپٹل میں ملے گا. فالز ٹیسٹ سے ڈری دہلی. دہلی میں فالز ٹیسٹ ایک بڑی سمسیا بن کر سامنے آ رہی ہے. جان کاری کے مطابق RIP گولڈ سٹینڈرڈ سٹیک جانچ مانی جاتی ہے کرونا کے ڈائیگنوسز کے لیے. پچھلی بار بھی ایسا کچھ تھا کہ آر ٹی پی سی آر میں کئی بار ڈیٹیکٹ نہیں ہو رہا تھا پر اس بار تو بہت زیادہ ایسے کیسز ہیں ہمم کہ جو فالز نیگیٹیو آ رہے ہیں ان کو کرونا ہوتا ہے بٹ اس میں وہ ڈیٹیکٹ نہیں ہو پاتا دیکھیے اس کے کارن کچھ ہو سکتے ہیں پہلا کارن اگر ہم مانیں. تو جب سیمپلنگ اگر ٹھیک طریقے سے نہ ہوئی ہو. اور اس میں وائرل لوڈ ٹھیک سے نہ آیا ہو تو وہ ٹیسٹ میں ڈیٹیکٹ نہیں ہوگا اور پیشنٹ کو سمپٹمز ہوں گے. دوسری بات भी हो सकता है कि कई बार हम जल्दी कराते हैं टेस्ट कि हम किसी पॉजिटिव स्ट्रांग के कांटेक्ट में आए हैं और हमने तुरंत टेस्ट करा लिया तो उस समय भी वो आपके टेस्ट के अंदर नहीं आएगा और कई बार होता है कि हम बहुत लेट कराते हैं टेस्ट तो उस समय भी वो टेस्ट नहीं आएगा उस समय हमारे लंग्स तक इन्फेक्शन पहुँच चुका होगा यानी कोविड पता करने का सबसे भरोसेमंद आरटीपीसीआर टेस्ट भी दिल्ली को धोखा दे रहा है. ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि चंद ऐसे ब्लड टेस्ट है जिस कोरोना मरीज का पता लगाया जा सकता है. ब्लड टेस्ट कराने में समझ में आ जाएगा कि एक्चुअली में लंग्स में प्रॉब्लम है या नहीं है? जी बिल्कुल इसके लिए भी कुछ काफी कॉमन ब्लड टेस्ट है जो वर्ल्ड वाइड टेस्ट हो रहे हैं जिनके अंदर हम टेस्ट करा के उनके कुछ वैल्यूज बढ़ी हुई होती है जिससे पता लग सकता है कि बॉडी में कुछ इन्फ्लामेशन हुई है. कि ज्यादातर इस वायरस से बॉडी में इन्फ्लामेशन होती है. ये हमारे लंग्स को ज्यादा इफेक्ट करता है. तो ब्लड टेस्ट से हम पता लगा सकते हैं कि ये कुछ इन्फ्लामेशन है कि नहीं इस तरह के काफी सारे ब्लड टेस्ट है. दिल्ली पर लापरवाही भारी कोरोना रोज सैकड़ों लोगों की जान ले रहा है लेकिन दिल्ली है कि समझने को तैयार नहीं दिल्ली में लापरवाही चरम पर है और यही लापरवाही दिल्ली को बहुत भारी पड़ रही है. एक तरफ सरकारें कोरोना को कंट्रोल करने के लिए लगातार सख्त से सख्त कदम उठा रही है तो दूसरी तरफ ऐसी तस्वीर दिखाई पड़ती है जिसमें साफ नजर आता है कि लोग लापरवाह और बेपरवाह हो गए हैं. ये देखिए ये तस्वीर है एक बैंक के बाहर की जहाँ पर लोगों को आप देख सकते हैं कि ना कोई सोशल डिस्टेंसिंग है और बहुत लोगों ने तो मास्क नहीं लगाया हुआ है. दिल्ली में चल रहे आसान पर राजनीति भी तेज़ हो चुकी है. एक तरफ दिल्ली सरकार सब काबू में है का हवाला दे रही है. अस्पतालों में बिस्तरों की किल्लत को झुठला रही है. तो बीजेपी केजरीवाल सरकार पर हमलावर है. दिल्ली में बेकाबू होते हालात के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है. हमारे हॉस्पिटल में अ जो प्रबंधन है हॉस्पिटल्स का जो मैनेजमेंट है वो स्थिति अभी फिलहाल अपने कंट्रोल में है दिल्ली में हॉस्पिटल बेड्स की कमी नहीं है. अभी लेटेस्ट डेटा के हिसाब से पाँच हजार से ज्यादा बेड अभी खाली हैं दिल्ली के अंदर पांच हजार से ज्यादा बेडस खाली हैं. मरीज जो हैं अस्पतालों के बाहर सड़कों पे पड़े हुए हैं. उधर मैं रोज ये देखता हूँ कि केजरीवाल साहब कह रहे हैं हमारे यहाँ बेड की कोई कमी नहीं है. अगर आपके पास बेड की कमी नहीं है तो आप लोगों को सलाह ये दे रहे हैं कि अपने घरों में ही इलाज कर लो आप. अस्पताल तक मत आइए आप क्योंकि आपने बेड के इंतजाम नहीं किए जाते हैं. क्योंकि आपका सारा ध्यान शराब एक्साइज पॉलिसी बनाने में लगा रहा. आपका सारा ध्यान एडवर्टेजमेंट के अंदर लगा हुआ है ये. दिल्ली के बदहाल होते हालात को थामने के लिए सरकारी कोशिशों में लगी है लेकिन कोरोना हाथ से निकलता जा रहा है लॉकडाउन से लेकर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग तक का पालन कराने के लिए सख्ती बरती जा रही है लेकिन कोरोना की चेन हर बीते दिन के साथ मजबूत होती जा रही है और ऐसे में जिम्मेदारी लोगों की है कि वो कोरोना की रफ्तार को थामने के लिए हर जरुरी नियम का पालन करें वरना आने वाले दिन कोरोना आपातकाल लगा देंगे दिल्ली से पल के साथ bureau report News Twenty-Four नमस्कार मैं हूँ Manak Gupta अगर आपको हमारा ये video पसंद आया हो तो इसे like और share ज़रूर करें और हाँ हमें subscribe और follow करना ना भूले ताकि आप देश और दुनिया की कोई खबर miss ना करें चाहे कोई breaking news हो या कोरोना वायरस से जुड़ी कोई भी update politics हो या आपकी जेब से जुडी कोई खबर election की कोई news हो कोई controversy हो या फिर कोई viral video सब कुछ मिलेगा News Twenty-Four पर तो जुड़े रहिए हमारे साथ और देखते रहिए News Twenty-Four

Posted 22 days ago in Social Issues