देखिए, जेब से 'कमाई के लीकेज' का विश्लेषण

Aaj Tak
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Aaj Tak posted a video to the playlist ख़बरदार.
कोरोना के संकट के बीच देश में महंगाई भी नए-नए कीर्तिमान बना रही है. मई के महीने में थोक मूल्य पर आधारित महंगाई बारह दशमलव नौ चार फीसदी की अब तक की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँच गई है. जून में अब तक आठ बार दाम बढ़े हैं. इस बारे में जब पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल पूछा गया तो वो सरकार की मुफ्त योजनाओं को गिनाने लगे. और कहने लगे कि जब इतनी कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं तो फिर तेल की कीमत कैसे कम होगी? यानी आपकी जेब से ही आपकी मेहनत की कमाई का leakage हो रहा है और उसी से मुफ्त योजनाएँ पेश की जा रही है پیٹرول پمپ کی طرف تیل بھرانے کے لیے جانے والے لوگوں کو آج کل غصہ آتا ہے. گھریلو بجٹ کی چنتا ہوتی ہے اور خود کو تھکا ہوا بھی محسوس کرتے ہیں. ایسا لگتا ہے جیسے کسی نے جیب ہی کاٹ لی. نمنا اور مدیم بھر کی آبادی کا یہی حال ہے. تیل کی قیمتیں لگاتار ہونے والا ٹارچر بن چکی ہے. सर हम इससे परेशान हो गए और हम दूसरी बात मजदूर है साढ़े तीन सौ रुपए मिलते है अगर सौ का पेट्रोल डला के काम पे जाएंगे तो ढाई सौ रुपए में बीवी बच्चों को पाल लेंगे क्या? अब इसके साथ में क्या कर सकते है अब जो कमाते है वो कहते है घर जाते है तो घर वाले घर की बात सुनते है अब क्या तेल पर राजनीति नई नहीं है लेकिन जब जब होती है विपक्ष का पलड़ा भारी रहता है फिर चाहे विपक्ष में कोई भी party हो Congress ने तीन दिन पहले पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया तो उसकी सहयोगी Shiv Sena ने कल एक रुपए में लोगों को petrol दिलवाया petrol pump के बाहर सैकड़ों लोग कतार लगाकर खड़े हो गए उधर जब केंद्रीय petroleum मंत्री Dharmendra Pradhan से तेल की कीमतों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने शुद्ध राजनीतिक जवाब दिया Rahul Gandhi जी पहले जवाब दे उनकी सासियत Maharashtra में क्यों महंगा है तेल Rajasthan में क्यों महंगा है तेल Punjab में क्यों महंगा है तेल देखो ऐसे गैर जिम्मेदारा बयान Rahul Gandhi ही दे सकते है बात निकली तो दूर तक गयी सवाल Madhya Pradesh पर भी उठे जहाँ BJP की सरकार है और तेल सौ रुपए है की बात भी उठी जहाँ तेल सौ रुपए के करीब पहुँच गया है UP कर्नाटक Haryana जहाँ जहाँ BJP की राज्य सरकारें है वहाँ भी तेल century बनाने पर आमादा है petroleum मंत्री को लोगों के दर्द का पूरा आभास था इसलिए उन्होंने ये भी समझाया कि तेल की कीमतें क्यों बढ़ती जा रही है आप भी सुनिए ये नागरिकों को consumer को दिक्कत दे रहा है इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन भारत सरकार हो या राज्य सरकारें कोरोना में लगभग पैंतीस हजार करोड़ से ज्यादा एक साल के अंदर टीका में खर्चा हो रहा है अभी-अभी एक लाख करोड़ रुपया खर्चा करके प्रधानमंत्री जी ने आठ महीने के लिए मुफ्त में खाद्यान्न देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की है. पीएम किसान में हजारों करोड़ रुपया देश की किसानों को सीधा बैंक खाता में पहुँचाया गया है. मैं इसी साल की बात कर रहा हूँ. अभी-अभी की हित को ध्यान में रखते हुए चावल और गेहूं की एमएसपी घोषणा की गई समझ गए आप मुफ्त में कुछ भी नहीं मिल रहा सरकार एक हाथ से दे रही है और दोनों हाथ से बटोर रही है वैक्सीन मुफ्त नहीं है तेल से दाम निकाला जा रहा है गरीब खाद्यान्न योजना में एक लाख करोड़ की भरपाई भी तेल से ही हो रही है किसानों को बैंक में सीधे दिए जाने वाले पैसे का जुगाड़ भी तेल से ही हो रहा है यानि कोरोना काल में आर्थिक मोर्चे पर सरकार को पेट्रोल डीजल वाली कमाई से बड़ी राहत मिल रही है ये कमाई का petrol diesel model है जो फिलहाल जनता को छोड़कर सबको रास आ रहा है यहाँ तेल से सरकार की कमाई का गणित भी समझिए साल दो हज़ार इक्कीस के बीच petrol और diesel पर excise duty collection में सतत्तर percent की बढ़त दर्ज की गयी साल दो हज़ार बीस इक्कीस में petrol diesel से तीन दशमलव नौ लाख करोड़ के tax वसूले जो पिछले साल दो हज़ार उन्नीस बीस में दो दशमलव दो लाख करोड़ था अप्रैल से नवंबर दो के बीच पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन में अड़तालीस परसेंट की बढ़त दर्ज की गई है. पहला सवाल ये है कि जिस तरह दिन पर इतनी महंगाई में afford कर सकता है अब तक जितने पैसे tax के तौर पर आम आदमी ने दिए हैं सरकार को या समय नहीं है कि इसका फायदा आदमी को करना चाहिए लेकिन तेल की कीमतों का असर रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी ज़रूरी चीजों पर पड़ता है यही वजह है कि महंगे ईंधन ने ज़रूरत की दूसरी चीज़ों के दामों में आग लगा दी थोक कीमतों पर आधारित मुद्रा स्थिति की दर मई में बारह दशमलव नौ चार प्रतिशत बढ़कर record स्तर पर पहुँच गयी अप्रैल में ये दस दशमलव चार नौ फीसदी पर थी मई में ईंधन और बिजली की महंगाई दर बढ़कर सैंतीस दशमलव छह एक फीसदी हो गयी जो अप्रैल में बीस दशमलव नौ चार फीसदी थी manufactured सामानों की महंगाई दर मई में दस दशमलव आठ तीन फीसदी रही जो उससे पिछले महीने नौ दशमलव zero एक फीसदी थी मूलभूत के सामान भी महंगे हो गए है मई में इनकी महंगाई दर दस फीसदी पर पहुँच गयी जो अप्रैल में आठ दशमलव तीन पर थी आम आदमी से ज्यादा tax लेने की बजाय सरकार को चाहिए कि इसके लिए या तो short term boring बढ़ाए या सरकार अपना expenditure कम करें या सरकार इसके लिए disinvestment के through पैसा raise करें आज की तारीख में सरकार को innovative तरीके अपनाने चाहिए पैसा raise करने के लिए राशन वैक्सीन और और वेलफेयर स्कीमों का खर्चा सरकार खाद्य पदार्थों की महंगाई मई में मामूली रूप से कम होकर चार दशमलव तीन एक प्रतिशत पर आ गयी हालांकि इस दौरान प्याज़ महंगा हुआ मई में प्याज तेईस दशमलव दो चार फीसदी के उछाल पर है लेकिन इसमें सबसे ज़्यादा महंगे खाद्य तेल हुए है NCDEX यानी National Commodity and Derivatives Exchange के मुताबिक soybean तेल ग्यारह महीनों में सत्तासी percent refined soy तेल बहत्तर फीसदी सरसों तेल छियासठ प्रतिशत चना छब्बीस percent सूखा धनिया चौदह फीसदी तक महंगा हो चूका है यानी महंगाई हाल बेहाल हो गया है. पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर पूरे सिस्टम पर पड़ता है और अब जब तेल सेंचुरी लगा रहा है तो ऐसे में महंगाई बढ़ना तय है. देश को जैसे ही कोरोना से राहत मिलेगी तो तुरंत ही मंदी बेरोजगारी घटती कमाई के बीच महंगाई को काबू करना एक बड़ी चुनौती होगी. ऐश्वर्या पालीवाल के साथ आज तक ब्यूरो

Posted 2 months ago in Social Issues